23 अंतर्गत एक कम्युनिटी सेंटर को लेकर विवाद
आसनसोल नगर निगम वार्ड संख्या 23 अंतर्गत एक कम्युनिटी सेंटर को लेकर विवाद। एमबी एंटरप्राइज द्वारा लिया गया है नगर निगम ने एमबी एंटरप्राइज को इस कम्युनिटी सेंटर के संचालन की जिम्मेदारी दी है सोमवार जब आसनसोल नगर निगम के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर आरके श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक टीम कंपनी के कम्युनिटी सेंटर को हस्तांतरित करने के लिए पहुंची थी तो 23 नंबर वार्ड की टीएमसी पार्षद सी के रेशमा ने विरोध किया और हस्तांतरण की प्रक्रिया को रोक दिया उनका कहना था कि यह कम्युनिटी सेंटर गरीबों के लिए बनाई गई थी और एमबी एंटरप्राइज द्वारा इसे टेंडर में लिया गया था लेकिन इससे यहां के गरीब लोगों को परेशानी होगी उन्होंने एमबी एंटरप्राइज पर और भी तमाम तरह के आरोप लगाए इन सभी आरोपों का जवाब देते हुए आज एमबी एंटरप्राइज की मालकिन मनीदीपा भट्टाचार्य ने एक संवाद सम्मेलन कर कहा कि स्थानीय पार्षद सी के रेशमा द्वारा उन पर जो आप लग रही है वह सब के सब गलत हैं उन्होंने कहा कि एक स्वच्छ तरीके से टेंडर निकाला गया था जिसमें सबसे ज्यादा राशि डालने के कारण उनको कम्युनिटी सेंटर के संचालन की जिम्मेदारी मिली थी एमबी एंटरप्राइज पर यह आरोप भी लगाया था कि गीतो बीतान नामक एक अन्य कम्युनिटी सेंटर के संचालन की जिम्मेदारी भी इसी कंपनी को दी गई थी लेकिन उन्होंने नियमों का उल्लंघन करते हुए उस कम्युनिटी सेंटर के निकट पीडब्ल्यूडी की जमीन पर स्विमिंग पूल और रेस्टोरेंट बना लिया इसके जवाब में मनी दीपा भट्टाचार्य ने कहा कि यह सरासर गलत इल्जाम है उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं किया है और उन्होंने स्विमिंग पूल और रेस्टोरेंट बनाने से पहले नगर निगम से अनुमति ली थी और निगम की जमीन पर ही बनाया है जिसके कागजात भी उनके पास हैं। वही सीके रेशमा ने एमबी एंटरप्राइज के बारे में कहा था कि इस कंपनी के कई होटल भी हैं इसके जवाब में मोनीदीपा भट्टाचार्य ने कहा कि यह भी बिल्कुल गलत है सी के रेशमा ने जिन होटलों का नाम लिया वह सारे के सारे होटल उनके सहकर्मी के हैं जिनका उनकी कंपनी से कोई लेना-देना नहीं है। वही टेंडर में उनकी कंपनी को संचालन की जिम्मेदारी मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सी के रेशमा ने भी टेंडर में हिस्सा लिया था और वह सेकंड बीडर थी अगर उनकी कंपनी ने टेंडर में 8 लाख 80000 की राशि डाली थी तो सी के रेशमा ने भी सात लाख 80000 रुपए की राशि डाली थी तो अगर गरीब लोगों के लिए ही कम्युनिटी सेंटर को उपलब्ध कराने की बात थी तो उन्होंने इतनी ऊंची राशि टेंडर में क्यों डाली उन्होंने कहा कि वह कम से कम नगर निगम को साल में ₹800000 दे रही है जबकि इससे पहले नगर निगम को सिर्फ साल में एक लाख रुपये मिला करता था जबकि साल में उस कम्युनिटी सेंटर से कम से कम 40 लाख रुपए की कमाई होती है उन्होंने कहा कि रही बात गरीबों के लिए कम्युनिटी सेंटर को उपलब्ध कराने की तो वह खुद जिन कम्युनिटी सेंटर का संचालन करती हैं उनको गरीबों को निशुल्क उपलब्ध कराती हैं उन्होंने कहा कि टेंडर की प्रक्रिया में उन्होंने स्वच्छ और पारदर्शी तरीके से हिस्सा लिया था और सभी नियमों का पालन करते हुए उन्हें टेंडर में कम्युनिटी सेंटर के संचालन की जिम्मेदारी भी मिली थी लेकिन पार्षद सी के रेशमा के कारण उनकी कंपनी को अभी तक कम्युनिटी सेंटर का हस्तांतरण नहीं हुआ है
Mr Ajay Kumar