वाह कोयला की कमाई काटा गुड़िया अवैध डिपो हो रहे हैं मालामाल
आसनसोल । अवैध कोयला का कारोबार कहे या चोरी, यह शिल्पांचल में कोई नई बात नहीं है। किसी अंचल में कोयले की अवैध खदान बनाकर तो कहीं ईसीएल की वैध कोलियरी या ओसीपी से कोयले की चोरी हमेशा ही चर्चा में रहती है। लेकिन रास्ते मे ईसीएल का एक नम्बर कोयला अवैध डिपो में चला जाता है और बेंड पत्थर और मिट्टी उक्त वाहनों में लादकर ईसीएल के डिपो में जमा करा डते है, ऐसा मामला इन दिनों काफी चर्चा में है। पूर्व में यानी वर्ष 2024 में यह काम ईसीएल के सातग्राम-श्रीपुर एरिया के सतग्राम सेंटल डिपो नीमचा सेंटल डिपो में काफी जोरों पर चला, जहां पूर्व जीएम के कार्याकाल मे 6 डंपर भी पकड़े गए थे, जिसके बाद मामला हुआ और यह कोयला बदलने का खेल कुछ दिनों तक बंद रहा, लेकिन नए जीएम के आने के बाद फिर एक बार यह खेल शुरू होता दिख रहा है। हालांकि ऐसा करते हुए । मालूम हो कि सातग्राम-श्रीपुर एरिया के पूर्व जीएम के कार्यकाल में यह खेल काफी जोरो से चला था। जहां एक सक्रिय सिंडिकेट हजारों-लाखों रुपये की कोयले की लूट करने में सफल रहा। जिससे कई कोयला माफिया और उनके गुर्गे अमीरों की सूची में शामिल हो गए। यहां आपको बताते चले कि कोयला अदल-बदल का खेल के काफी सुनियोजित तरीके से किया जाता था। एरिया अंतर्गत विभिन्न काली दासपुर कोलियरी से आने वाला कोयला नीमचा डिपो में पहुंचने से पहले बदल दिया आज भी बदला जाता है । मालूम हो कि ईसीएल के हर वाहन में जीपीएस लगा होता है। कोलियरी से सेंट्रल डिपो में आने वाला कोयला जीपीएस लगे डंपर में लदा रहता है। अब उसी जीपीएस लगे डंपर की तरह तथा एक नम्बर का दूसरा डंपर बैंड पत्थर और मिट्टी लादकर रास्ते में बदल दिया जाता है। फिर उक्त जगह पर असल डंपर से जीपीएस खोलकर नकल डंपर में लगा दिया जाता था, जिसके बाद असल कोयला अवैध डिपो में और नकल यानी बैंड पत्थर वैध डिपो में गिराया जाता था। इस तरह से यह काफी दिनों तक खुलेआम चला। फिर यह धंधा लगभग बंद से होता दिखा, कोयला चोर फिर सक्रिय हो गए है।2024 में बैंड पत्थर व मिट्टी लदा डंपर डिपो में आया, जहां पहले से मौजूद कुछ अधिकारियों ने पाया कि उक्त डंपर का जीपीएस करी 40 से 45 मिनट के लिए बंद था। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या नए जीएम के आने के बाद भी पूर्व जीएम के कार्यकाल की तरह असल-नकल कोयले का खेल चलता रहेगा, या फिर इसपर कोई अंकुश लगेगा?
Mr Ajay Kumar