रेलवे की विभिन्न मांगों को लेकर रानीगंज चैंबर ऑफ कॉमर्स ने डीआरएम को सौंपा ज्ञापन
रानीगंज: रानीगंज चैंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से रेलवे से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर मंडल रेल प्रबंधक को ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन में रानीगंज रेलवे स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन के रूप में विकसित करने सहित क्षेत्र की रेल सुविधाओं में विस्तार की मांग की गई है।
चैंबर ने अपने ज्ञापन में कहा है कि रानीगंज रेलवे स्टेशन का उद्घाटन 23 फरवरी 1855 को हुआ था और यह देश के ऐतिहासिक रेलवे स्टेशनों में शामिल है। रेलवे की ओर से रानीगंज स्टेशन को हेरिटेज-कम-मॉडल स्टेशन के रूप में मान्यता दिए जाने के बावजूद मॉडल और हेरिटेज स्टेशन के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराए जाने पर चैंबर ने चिंता जताई है। चैंबर ने रानीगंज स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल करने की मांग की है।
इसके अलावा रानीगंज से बांकरा तक रेल संपर्क शुरू करने की मांग भी की गई है। ज्ञापन में बताया गया है कि रानीगंज से बांकरा की दूरी लगभग 50 किलोमीटर है तथा दुर्लभपुर तक पहले से रेल लाइन और पुल मौजूद है। इसे आगे बांकरा तक विस्तारित करने से यात्रियों को सुविधा मिलने के साथ दक्षिण बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से रेल संपर्क मजबूत होगा और बांकरा व पुरुलिया जैसे क्षेत्रों को आर्थिक लाभ मिल सकता है।
चैंबर ने आसनसोल से नई दिल्ली के बीच एक सुपरफास्ट रात की ट्रेन शुरू करने की भी मांग की है। प्रस्ताव के अनुसार ट्रेन शाम करीब छह बजे आसनसोल और नई दिल्ली से रवाना होकर सुबह लगभग नौ बजे अपने गंतव्य तक पहुंचे, जिससे एक दिन के काम के लिए दिल्ली जाने वाले यात्रियों को होटल में ठहरने और अतिरिक्त खर्च से राहत मिलेगी।
वहीं, कोलफील्ड एक्सप्रेस के बाद आसनसोल से कोलकाता के लिए एक और सुपरफास्ट ट्रेन चलाने की मांग की गई है। चैंबर ने ट्रेन को सुबह करीब 9:30 से 10 बजे के बीच आसनसोल से रवाना करने तथा रात करीब आठ बजे कोलकाता से वापसी की व्यवस्था करने का सुझाव दिया है। इससे व्यवसायियों, मरीजों, अधिकारियों और नौकरी या अन्य कार्यों से कोलकाता जाने वाले यात्रियों को काफी सुविधा होगी।
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दालुरबांध रेलवे गेट बंद करने के फैसले का विरोध, पांडवेश्वर चैंबर ने डीआरएम से हस्तक्षेप की मांग की
पांडवेश्वर: दालुरबांध रेलवे लेवल क्रॉसिंग को स्थायी रूप से बंद करने के प्रस्ताव के खिलाफ पांडवेश्वर चैंबर ऑफ कॉमर्स ने रेलवे के आसनसोल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक को ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
चैंबर की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि दालुरबांध रेलवे गेट पांडवेश्वर और आसपास के इलाकों के स्थानीय निवासियों, दुकानदारों, व्यवसायियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और रोजाना आवागमन करने वाले लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। रेलवे की ओर से इस लेवल क्रॉसिंग को 25 अगस्त 2026 से स्थायी रूप से बंद करने का प्रस्ताव है।
चैंबर ने आशंका जताई है कि बिना किसी सुविधाजनक वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था किए रेलवे गेट बंद करने से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इससे स्थानीय लोगों और व्यापारियों की यात्रा दूरी एवं परिवहन खर्च बढ़ेगा। स्कूली और कॉलेज विद्यार्थियों, बुजुर्गों तथा दैनिक यात्रियों को भी परेशानी होगी। इसके अलावा एंबुलेंस, दमकल और अन्य आपातकालीन वाहनों के आवागमन में भी दिक्कत पैदा होने की आशंका जताई गई है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि रेलवे गेट बंद होने से वैकल्पिक सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ सकता है तथा आसपास के गांवों और आवासीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को दैनिक आवागमन में विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
पांडवेश्वर चैंबर ऑफ कॉमर्स ने रेलवे अधिकारियों से मांग की है कि दालुरबांध रेलवे गेट को स्थायी रूप से बंद करने के फैसले पर पुनर्विचार किया जाए। चैंबर ने कहा कि जब तक पर्याप्त क्षमता वाला वैकल्पिक मार्ग, ओवरब्रिज या अंडरपास तैयार नहीं हो जाता, तब तक रेलवे गेट को स्थायी रूप से बंद नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही वैकल्पिक मार्ग को पैदल यात्रियों और वाहनों के लिए सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाने तथा स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और अन्य हितधारकों की समस्याओं पर विचार करने की मांग की गई है।

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