बहुला कोलियरी के पिट मैनेजर के घर के सामने धरना मृतक की पत्नी ने मांगा मुआवजा

बहुला कोलियरी के पिट मैनेजर के घर के सामने धरना मृतक की पत्नी ने मांगा मुआवजा

आसनसोल : अपने आश्‍वासन के तहत मृतक के परिवार को मुआवजे के 5 लाख रुपए नहीं दिए जाने से नाराज मृतक की पत्नी अपने बच्चों और अन्य परिजनों के साथ बहुला कोलियरी साइडिंग में धरने पर बैठ गए है। मामला बीते 24 मई का है, जब बहुला कोलियरी के पिट मैनेजर मनोज कुमार ने अपने वाहन चालक सह लोअर केंदा निवासी शिवदानी दुसाद को अपने आवास से आम के पेड़ पर आम तोड़ने के लिए मजबूर किया और आम तोड़ने के दौरान शिवदानी दुसाद आम के पेड़ से गिर गया और उसकी मौत हो गयी। उसी समय सूचना मिलने के बाद परिवार के सदस्यों के साथ स्थानीय लोगों ने विरोध जताते हुए प्रदर्शन किया। जहां अनुबंध के तहत परिवार के एक सदस्य को नौकरी और 5 लाख रुपये मुआवजा देने का आश्‍वासन दिया गया। परिवार के एक सदस्य को ठेकेदार के अधीन नौकरी तो मिल गई, लेकिन 4 महीने बीतने के बाद भी बहुला कोलियरी के पिट मैनेजर मनोज कुमार ने मृतक के परिवार को मुआवजे के लिए तय राशि नहीं सौंपी। जिसके बाद हारकर बहुला कोलियरी साइडिंग में सभी प्रकार के परिवहन को बंद कर आरोपी पिट मैनेजर मनोज कुमार के आवास के सामने मृतक की पत्नी बच्चों व परिवार के साथ धरने पर बैठ गयी। मृतक की पत्नी ने कहा कि उनके पति को मैनेजर और उनकी पत्नी ने जबरन आम के पेड़ पर चढ़ा दिया और पेड़ से गिरकर उसके पति की मौत हो गई। उन्हें 5 लाख रुपये मुआवजा देने का आश्‍वासन दिया गया था, लेकिन कोई मुआवजा नहीं मिला। परिवार में वहीं एक कमाने वाला था। उक्त राशि नहीं मिलने के कारण्ा वे दाने-दाने को मोहताज हो गए है। उनके परिवार में तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं। पैसे के अभाव में उनकी पढ़ाई रूक गई है। इसलिए जब तक उन्हें मुआवजे की रकम नहीं मिलती, वे मैनेजर मनोज कुमार के घर के सामने धरना पर बैठी रहुंगी। वहीं पिट मैनेजर मनोज कुमार ने कहा कि सभी आरोप गलत हैं। उन्होंने किसी को पेड़ से आम तोड़ने के लिए नहीं कहा और न ही शिवदानी को बुलाया? जब उसने कुछ किया ही नहीं है तो वो मुआवजा क्यों देंगे?