सोशल मीडिया पर आए दिन हो रही है विनोद नोनिया तृणमूल नेता पर चर्चा 

सोशल मीडिया पर आए दिन हो रही है विनोद नोनिया तृणमूल नेता पर चर्चा 

तृणमूल शासनकाल में करोड़ों की संपत्ति बनाने के आरोपों के बीच रानीगंज के पूर्व पंचायत समिति सभापति विनोद नोनिया पर उठे सवाल, कार्रवाई कब?

आसनसोल/रानीगंज: पश्चिम बर्दवान जिले के रानीगंज ब्लॉक पंचायत समिति के पूर्व सभापति एवं वर्तमान कर्माध्यक्ष विनोद नोनिया को लेकर इलाके में एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं कि तृणमूल शासनकाल के दौरान जिन लोगों ने कम समय में बड़ी संपत्ति बनाई, उनके खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। वहीं कई छोटे स्तर के कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई होने के बावजूद कुछ प्रभावशाली लोगों के खिलाफ जांच आगे नहीं बढ़ने को लेकर भी लोगों के बीच तथा सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बना है।
सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2018 से पहले विनोद नोनिया रोटी-बटी ग्राम पंचायत के प्रधान थे। पंचायत चुनाव के बाद वह रानीगंज ब्लॉक पंचायत समिति के सभापति बने और बाद में पंचायत समिति के कर्माध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाली। सूत्रों का आरोप लगाने वालों का दावा है कि इसी दौरान उनकी आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आया और करोड़ों की संपत्ति बनने की चर्चा क्षेत्र में शुरू हुई।
स्थानीय लोगों और राजनीतिक हलकों में आरोप लगाए जा रहे हैं कि पंचायत और विकास कार्यों से जुड़े कई बड़े ठेकेदारों से कथित रूप से आर्थिक लाभ लिया गया। कुछ लोगों का दावा है कि कई जगहों पर निर्माण कार्यों, कम्युनिटी हॉल और सड़क परियोजनाओं में वास्तविक काम और सरकारी भुगतान को लेकर सवाल खड़े हुए। आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि जहां सीमित काम हुआ, वहां अधिक कार्य दिखाकर भुगतान कराने में प्रभावशाली लोगों की भूमिका रही। हालांकि इन आरोपों की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इसी बीच कुछ लोगों का कहना है कि नीमचा रेलवे लाइन से अमृतनगर तक रेलवे से जुड़े मिट्टी भराई कार्य के दौरान भी कथित तौर पर वसूली की शिकायतें सामने आई थीं। हालांकि इस मामले में भी कोई आधिकारिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है।
विनोद नोनिया को लेकर एक और चर्चा यह भी रही कि इलाके में कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे और उनकी निगरानी कथित तौर पर निजी स्तर पर की जाती थी। साथ ही ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (ईसीएल) की जमीन पर बने कथित अवैध निर्माण और पार्टी कार्यालय को लेकर भी पहले विवाद सामने आ चुका है। मगर यह कार्यालय ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड के द्वारा 2026 चुनाव परिणाम की बात तोड़ दी गई है स्थानीय लोगों का कहना है।
लोगों के बीच अब सवाल उठ रहा है कि यदि इतने वर्षों से आरोप लग रहे हैं तो संबंधित एजेंसियां जांच क्यों नहीं कर रही हैं। वहीं दूसरी ओर यह भी कहा जा रहा है कि किसी भी व्यक्ति को दोषी मानने से पहले निष्पक्ष जांच और आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
फिलहाल इस पूरे मामले में प्रशासन, जांच एजेंसियों या विनोद नोनिया की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में लगाए जा रहे सभी आरोप जांच और आधिकारिक पुष्टि के अधीन हैं।