कोयला तस्करी : तृणमूल नेता फरार, कृष्णेंदु ने कहा - यह सिर्फ सिपाही है, मंत्री-राजा कोई और?

कोयला तस्करी : तृणमूल नेता फरार, कृष्णेंदु ने कहा - यह सिर्फ सिपाही है, मंत्री-राजा कोई और?

आसनसोल : कोयला तस्करी मामले में एक के बाद एक कर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहता है। इसबार जेमारी ग्राम पंचायत सदस्य सह तृणमूल नेता कालीचरण बाउरी पर अवैध कोयला तस्करी का आरोप लगा है। जिसके बाद कालीचरण बाउरी के खिलाफ जामुड़िया थाने में इस मामले से संबंधित शिकायत भी दर्ज कराई गई है। आरोप है कि कालीचरण बाउरी कोयला तस्करी के अवैध कारोबार से जुड़ा हुआ हैं। पुलिस सूत्रों की माने तो थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद तृणमूल नेता कालीचरण बाउरी फरार बताया जा रहा है। इस मामले के बाद विपक्ष लगातार हमलावर हो गया है। इस घटना को लेकर तृणमूल के प्रदेश सचिव वि शिवदासन उर्फ दासू पहले ही साफ कर चुके है कि आसनसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में सक्रिय कुछ तृणमूल के कर्मी है, जो कोयला-बालू जैसे अवैध कारोबारों में लिप्त हैं और तृणमूल को बदनाम कर रहे है। पार्टी ऐसे लोगों का समर्थन कभी नहीं करेगी और जो भी ऐसी गतिविधियों में जुड़ा हुआ तृणमूल नेता, कर्मी मिले तो पुलिस प्रशासन उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करे, ताकि इस तरह का कार्य करने से दोबारा ऐसे लोग 10 बार सोचे| वहीं इस घटना ने विपक्ष में बैठी भाजपा को फिर एक बार तृणमूल को नीचा दिखाने का मौका मिल गया है। भाजपा के प्रदेश नेता कृष्णेंदु मुखर्जी ने तो तृणमूल के प्रायः अधिकांश नेता, कर्मियों को ही इस तरह अवैध कार्य में लिप्त होने का आरोप लगाया है। कृष्णेंदु ने कहा कि तृणमूल के 90 फीसदी नेता और कर्मी ऐसे कामों से जुड़े हैं। ऐसे में यह कोई नई बात नहीं है। तृणमूल का एक पंचायत सदस्य कोयला तस्करी में आरोपी है और वह फरार है, यह सिर्फ छोटी सी बात है। क्योंकि तृणमूल कई नेता ऐसे काम कर रहे है। कृष्णेंदु ने कहा कि कालीचरण जैसे मामूली तृणमूल कर्मी को आरोपी बनाने से कुछ नहीं होगा, कोई फायदा नहीं होगा। इस तरह के अवैध कामों में तृणमूल के बहुत बड़े-बड़े नेता जुड़े हैं। कृष्णेंदु की माने तो कालीचरण जिस दिन गिरफ्त में आयेगा और उससे पूछताछ होगी तो तृणमूल के बहुत बड़े-बड़े नेताओं के नाम एक के बाद एक कर सामने आने लगेंगे| उन्होंने कहा कि ऐसा हो सकता है कहीं और? क्योंकि वर्तमान पुलिस प्रशासन या पुलिस अधिकारियों में इतना दम नहीं है कि वह तृणमूल के बड़े नेताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई कर सके। कृष्णेंदु मुखर्जी ने साफ कर दिया कि कालीचरण सिर्फ के सिपाही है, मंत्री-राजा तो कोई और है?