फिर एक बार अवैध खदान से कोयला निकालते दो की गई जान, प्रशासन खामोश
आसनसोल (जामुड़िया)। बार-बार अवैध कोयला खनन के कारण हादसे होते है, उसके बाद हो हल्ला होता है, विभिन्न राजनीतिक दल के नेता एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते है, फिर पता नहीं क्या सेटिंग होती है, सभी राजनीतिक दल का मुंह बंद हो जाता है। अवैध कोयला खनन पहले की तरह चलने लगता है। लेकिन इन हादसों में मारे जाने वालों के परिजनों की कोई सुध लेने वाला तक नहीं होता। अब इसे सभी राजनीतिक दलों व प्रशासन की मिलीभगत कहे या फिर कुछ और? लेकिन सच्चाई यही है कि गरीब मामूली सी दिहाड़ी के लिए इन अवैध कोयला खदानों में कोयला काटने उतरते है और इनमें से कुछ अपनी जान गवां देते है। बीते दिनों कुल्टी में हुए ऐसे ही हादसे के बाद अब जामुड़िया में फिर एक बार अवैध कोयला खदान में हादसा हुआ और दो युवकों की जान चली गयी। घटना जामुड़िया थाना क्षेत्र के नॉर्थ सियारसोल कोलियरी इलाके की है, जहां एक अवैध कोयला खदान में जहरीली गैस निकलबे से बड़ा हादसा हो गया और कोयला काटने खदान में गए दो युवकों की मौत हो गयी। घटनास्थल से रवि कर्मकार (38) और संजीत बाउरी (30) का शव बरामद किया गया। हालांकि दोनों शव को निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। बताया जाता है कि शनिवार तड़के रवि और संजीत अवैध रूप से कोयला निकालने के लिए अवैध खदान में उतरे थे, तभी अचानक खदान से जहरीली गैस का रिसाव हुआ और दोनों अंदर ही फंस गए और उनकी मौत हो गयी। दोनों मृतक बारुल ग्राम के निवासी है। घटना की खबर मिलने के बाद मृतकों के परिजनों में मातम पसर गया। बताया जाता है कि रवि अपने परिवार में अकेले कमाने वाला था, उनके जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। संजीत की पत्नी और छोटे बच्चे अब रवि की वापसी का जिंदगी भर राह तकते रहेंगे। जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी के साथ हड़कंप मच गया।स्थानीय लोगों के साथ बड़ी संख्या में पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। वहीं दूसरी तरफ मौके पर मुआवजा की मांग उठने लगी। लोगों ने कहा कि यह पहली बार नहीं है, प्रशासन को सब पता है, लेकिन कार्रवाई नहीं होती। जिस कारण अवैध कारोबार जमकर चल रहा है। स्थानिय लोग मामूली से हाजिरी के लिए अपनी जान गवां रहे है। प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर मौजूद है। आरोप लगाया है कि क्षेत्र में कई ऐसी अवैध खदानें हैं, जिनसे कोयला माफिया हर रोज तस्करी कर रहे हैं और प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। घटना की खबर मिलने के बाद भारी संख्या में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि पहुँचे। भाजपा नेताओं ने मृतक के परिजनों को 20 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की, वहीं विधायक हरेराम सिंह ने कहा कि भाजपा 10 लाख मुआवजा दिलवा देगी तो हम 15 लाख दिलवा देंगे। इधर माकपा ने इस घटना पर दुख जताते हुए इस तरह के अवैध खेल में पुलिस के साथ तृणमूल नेताओं की सेटिंग को मुख्य कारण बताया। तृणमूल नेताओं ने कहा कि कोलियरी क्षेत्र में अवैध खनन हो रहा है तो यह सीधे सीआईएसएफ की जिम्मेवारी है। इसके लिए भाजपा को आवाज बुलंद करने की जरूरत है, क्योंकि केन्द्र में भाजपा की सरकार है और विभिन्न कोलियरी केंद्रीय संस्थान है। विभिन्न राजनीतिक दलों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच शायद ही कोई ऐसा होगा, जो इन अवैध कारोबार को बंद करने के बारे में बात कर रहा हो। सभी एक-दूसरे पर आरोप लगाते दिखे।
Mr Ajay Kumar