कोयले की काली कमाई से मालामाल गोस्टो

कोयले की काली कमाई से मालामाल गोस्टो

जामुड़िया । अवैध कोयला कारोबार यूं तो जामुड़िया कांटागोरिया में कोई नई बात नहीं है, लेकिन वर्तमान समय में जामुड़िया कांटागोरिया अवैध कोयला कारोबार के मामले में नम्बर एक पर है या फिर कहा जा सकता है कि जामुड़िया कांटागोरिया अवैध कोयला का गढ़ बन गया है। जहां इस कारोबार को अंजाम देने वाला मुख्य रूप से गोस्टो है, जो अपनी ऊंची पहुंच और सेटिंग के दम पर अपने इस अवैध काम को बगैर किसी कार्रवाई के या बिना कोई रोकटोक के बड़ी ही आसानी से चला रहा है। साफ शब्दों में कहा जाए तो जामुड़िया कांटागोरिया अवैध कोयला कारोबार के लिए SAFE ZONE बन गया है। सूत्रों की माने तो गोस्टो की देखरेख में ही धड़ल्ले से अवैध कोयले का धंधा चल रहा है। यहां इस कार्य को करने वाले गोस्टो के गुर्गों को भी किसी का भय नहीं है, क्योंकि उन्हें पता है कि जो भी हो, गोस्टो है उन्हें बचाने के लिए। जिस कारण इन्हें किसी का भय नहीं है और यहां बेरोकटोक तरीके से कोयले का कारोबार चल रहा है। बताया जाता है। कि इसीएल ट्रांसपोर्टर के मिली भगत से जीपीएस के साथ छेड़ छाड़ कर डंपरों से कोयला कटिंग कर अपने वैध-अवैध डिपो में जमा करा देते है। गोस्टो और उनके कुछ करीबी लोगों के डंपर ट्रांसपोर्ट के माध्यम से ईसीएल में चल रहे है। जिन इसीएल डंपरों से कोयला कटिंग किया जाता है। अवैध कोयले के खेल का विख्यात नाम अथवा मास्टरमाइंड गोष्टो को माना जा रहा है, जो अपनी ऊंची पकड़ और सेटिंग के माध्यम से अपना काला धंधा जोरों पर चलाने में मशगुल है। गोष्टो के नाम से चल रहे अवैध कोयला कारोबार को लेकर कथित रूप से सीआईएसएफ और ईसीएल अधिकारी तक मौन है। जामुड़िया का गोष्टो, ईसीएल डीओ स्टॉक पॉइंट के नाम पर ईसीएल के डंपर से कोयला कटिंग कर रानीशायर कांटागोडीया में अपने डीपो में जमा कराता है और फिर उस कोयले को अवैध रूप से ऊंचे दाम पर बेच देता है। जामुड़िया थाना अंतर्गत बीजपुर के कांटागोरिया इलाके में डीओ स्टॉक पॉइंट के नाम पर गोष्टो अवैध कोयला डिपो का संचालन कर रहा है। जहां ईसीएल का वैध कोयला इनके स्टॉक पॉइंट यानी डीपो में पहुंचता है और वहां से यह अवैध रूप से विभिन्न जगहों पर अंचल की विभिन्न फैंक्ट्री में खपाया जा रहा है। डीओ स्टॉक पॉइंट के नाम पर गोष्टो ने हजारों टन कोयला स्टॉक कर रखा है। सरगना माने जा रहे गोस्टो पर किसी तरह की आंच न आये, इसके लिए बकायदा एक तय राशि कुछ सफेदपोश, कलम के सिपाही और तथाकथित दलाल चक्र तक पहुंचाई जा रही है। इतना ही नहीं, इनका धंधा सुचारू रूप से चलता रहे, इसके लिए कुछ दलाल चक्र पुलिस, मीडिया को सेटिंग करने में भी लगे है।