भाजपा के अहलूवालिया को क्या तृणमूल के शत्रुघ्न कर पाएंगे खामोश

भाजपा के अहलूवालिया को क्या तृणमूल के शत्रुघ्न कर पाएंगे खामोश

आसनसोल : चुनाव, यह एक ऐसी पद्धति है, जहां किसी की जीत होती है तो किसी की हार, हालांकि हारने वालों की संख्या ज्यादा होती है, क्योंकि किसी भी चुनाव में सम्भता 2 से अधिक उम्मीदवार रहते है। वहीं जितने वाला भले ही एक हो, लेकिन जितने वाले से ज्यादा हारने वाले के सामने और अधिक मेहनत से काम करने और फिर से इस चुनावी दौड़ में भाग लेने के लिए प्रेरित करती है। इसी तरह आसनसोल लोकसभा चुनाव 13 मई को होना है। जिसके लिए प्रशासनिक स्तर से सारी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गयी है।   भले ही तृणमूल की तरफ से उपचुनाव में 3 लाख वोट से विजयी होने वाले शत्रुघन सिन्हा का नाम काफी पहले घोषित कर दिया हो, जबकि भाजपा द्वारा अंतिम समय मे एसएस अहलूवालिया का में सामने आया हो। लेकिन भाजपा उम्मीदवार किसी भी तरह से चुनाव प्रचार में शत्रुघ्न से पीछे नहीं है। दोनों ही उम्मीदवारों द्वारा चुनाव प्रचार में कोई कमी नहीं रखी जा रही है। रोड शो हो या सभा, जान सभा हो या कर्मी सम्मेलन, हर क्षेत्र में दोनों उम्मीदवार लगभग बराबरी पर चल रहे है। दोनों ही पार्टी के नेताओ द्वारा एक दूसरे पर तरह तरह के आरोप प्रत्यारोप लगाए जा रहे है। लेकिन मजे की बात यह है कि अहलूवालिया और शत्रुघ्न द्वारा व्यक्तिगत रूप से एक-दूसरे पर कुछ खास हमले नहीं किये गए। अब कौन किसे परास्त करेगा, कौन यहां से जीतकर संसद में जायेगा और यहां की समस्या को संसद में रखेगा, यह तो मतगणना के बाद साफ होगा। लेकिन लोगों के मन मे यही सवाल है कि भाजपा के अहलूवालिया को क्या तृणमूल के शत्रुघ्न कर पाएंगे खामोश ?