धरने पर बैठी महिलाओं पर महिला पुलिस ने नहीं पुरुष पुलिस अधिकारियों ने बरसाई लाठीयां
आसनसोल । कुल्टी थाना क्षेत्र के नियामतपुर फाड़ी अंतर्गत चिनाकुड़ी में ईसीएल द्वारा कोयला उत्खनन के लिए इन्वेटिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने टेंडर लिया, ली गई जमीन पर कार्य शुरू होने से पहले ही इलाके के आधा दर्जन से अधिक इलाकों को मिलाकर समस्त ग्राम कमेटी बनाई गई है। वो कमेटी पिछले कई महीनों से 90 प्रतिशत स्थानीय लोगों को नौकरी देने की मांग पर आंदोलन कर रहे हैं। लगातार आंदोलन के सात दिनों से धरना प्रदर्शन भी चल रहा हैं। धरना प्रदर्शन में इलाके की कई महिलाएं भी शामिल हो रही है। महिलाओं को धरने से उठाने के लिये नियामतपुर फाड़ी पुलिस भारी दल-बल के साथ पहुंची और महिलाओं को हटाने का प्रयास किया। जब वह नही माने तो बिना महिला पुलिस के नियामतपुर फाड़ी के प्रभारी अखिल मुख़र्जी ने महिला आंदोलनकारियों पर लाठी बरसाई। वहीं करीब 6 लोगों को गिरफ्तार कर फाड़ी ले गई। जिसके बाद स्थानीय लोगों ने फाड़ी का घेराव कर पकड़े गए लोगों को छोड़ने की मांग की। घटना की खबर सुनकर थाने में भाजपा नेता केशव पोद्दार भी पहुँच गए और उन्होंने महिला आंदोलन कारियों पर फाड़ी प्रभारी द्वारा लाठी चार्ज करने का कारण पूछते हुए उनपर कार्रवाई की मांग करने लगे। वहीं गिरफ्तार 6 आंदोलनकारियों को भी छोड़ने की मांग की। उन्होंने कहा कि आंदोलन करने का सबका अधिकर है, आंदोलन कोई अपराध नही होता। लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि अखिल मुखर्जी बगैर महिला पुलिस कर्मियों के महिलाओं के आंदोलन को रोकने गए, महिलाओं पर स्वयं ही लाठीचार्ज किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर देखा जा सकता है। अब सवाल उठता है कि पुलिस कमिश्नरेट के वरीय अधिकारी इस विषय पर अपने सब इंस्पेक्टर के खिलाफ क्या कार्रवाई करते है, क्यों कि नियमानुसार महिलाओं पर जिस तरह से उन्होंने कार्रवाई की, वो एक पुरुष पुलिस अधिकारी को बिल्कुल शोभा नहीं देता।
Mr Ajay Kumar