बेटी का दुष्कर्म कर हत्या करने वाले कलयुगी पिता को फांसी की सजा

बेटी का दुष्कर्म कर हत्या करने वाले कलयुगी पिता को फांसी की सजा

आसनसोल । कहते है बेटी के लिए मां से ज्यादा प्यार पिता के दिल मे रहता है और बेटी भी उसी तरह अपने पिता में पूरी दुनिया देखती है। भले ही बेटी अपनी छोटी-छोटी बातें अपनी मां को बताए, लेकिन विवाह से पहले बेटी के लिए उसका पिता ही उसकी पूरी दुनिया रहती है। लेकिन जब पिता ही कलयुग का राक्षस निकल जाए तो बेटी के लिए कुछ नही बचता। इसी तरह के एक मामले में आसनसोल कोर्ट ने अभूतपूर्व फैसला सुनाया, जिसमें महज 15 महीनों में मुकदमे की सुनवाई पूरी कर विशेष पॉक्सो कोर्ट की जज सुपर्णा बनर्जी ने 14 साल की नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म और हत्या के दोषी सह टोटो चालक पिता को फांसी की सजा सुनाई। इस विषय को लेकर हीरापुर थाना में सवांददाता सम्मेलन का आयोजन किया गया। जहां डीसीपी संदीप कर्रा, एसीपी इप्शिता दास, अधिवक्ता सोमनाथ चटर्जी संग अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। सरकारी वकील सोमनाथ चटर्जी ने बताया कि यह पहली बार है जब यहां किसी मामले में सर्वोच्च सजा के रूप में मृत्युदंड का आदेश दिया गया है। वह भी मात्र 1 साल 3 महीने में। 14 मई 2024 को मृतका की मां की लिखित शिकायत पर दर्ज किये गए मामले के आधार पर मृतका के पिता को गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 6 (दुष्कर्म), भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 (हत्या) और धारा 201 (साक्ष्य नष्ट करने) के तहत मामला दर्ज किया गया। सरकारी वकील ने बताया कि बुधवार को सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जज ने आरोपी को फांसी की सजा सुनाई। साथ ही 7 साल का सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी। जुर्माना न चुकाने पर 1 साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। जज ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि पीड़िता की मां को विक्टिम मुआवजा फंड से 5 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। मामले में कुल 16 गवाहों ने गवाही दी, जिनमें मृतका की मां, कई रिश्तेदार, अस्पताल के डॉक्टर और फोरेंसिक विशेषज्ञ शामिल थे। जानकारी के अनुसार 12 मई 2024 की रात हिरापुर थाना क्षेत्र के बर्नपुर के कचुबागान में 14 साल की नाबालिग अपने माता-पिता और भाई-बहनों के साथ सोई थी। अगले दिन सुबह मां ने देखा कि बेटी का चेहरा चादर से ढका है। चादर हटाने पर उन्होंने पाया कि बेटी होश में नहीं आ रही है। मां की चीख-पुकार लोग आए और नाबालिग को आसनसोल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमॉर्टम में पता चला कि नाबालिग को रस्सी से गला दबाकर हत्या की गई और उससे पहले उसका दुष्कर्म हुआ था। मृतका की मां ने हिरापुर थाने में अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज की। नाबालिग के शरीर पर मिले साक्ष्य और फोरेंसिक जांच में पिता के डीएनए से मिलान हुआ, साथ ही हत्या में इस्तेमाल रस्सी को जांच अधिकारी ने दोषी के बताए स्थान से बरामद किया। जिसके बाद मामला कोर्ट में चला और 15 महीने में कोर्ट ने अभूतपूर्ण फैसला सुनाया।